भक्ति एवं आनन्दमय वातावरण में देवी माँ के जयकारों के साथ मनाया गया कन्या पूजन / विजयदशमी कार्यक्रम
भक्ति एवं आनन्दमय वातावरण में देवी माँ के जयकारों के साथ मनाया गया कन्या पूजन / विजयदशमी कार्यक्रम
दिनांक 29 सितम्बर 2025, दिन सोमवार को विद्यालय 'सनातन धर्म सरस्वती विद्या मन्दिर बालिका इंटर कॉलेज, मिश्राना, लखीमपुर खीरी में शारदीय नवरात्रि तथा विजयदशमी के अवसर पर कन्या पूजन एवं रावण दहन का कार्यक्रम हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि इतिहास संकलन समिति के अध्यक्ष श्री राजेश दीक्षित जी एवं विद्यालय की उपप्रधानाचार्य श्रीमती डॉ० सीमा मिश्रा जी द्वारा माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वन्दना से हुआ।
इतिहास संकलन समिति के अध्यक्ष श्री राजेश दीक्षित ने कहा कि जीवन में शक्ति की उपासना का सीधा अर्थ अपनी सभी प्रकार की शक्तियो, चाहे वे शारीरिक हों या मानसिक, बौद्धिक हों या आध्यात्मिक को संपूर्ण रूप से जागरण अथवा प्रकटीकरण है। राष्ट्र की सनातन वैचारिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक चेतना एवं ऊर्जा से जुड़ना है। वांछित सफलता प्राप्त करने के लिए शक्ति की आराधना आवश्यक है। भगवान राम ने भी राक्षसराज रावण पर विजय प्राप्त करने के लिए शक्ति की उपासना की थी। शक्ति की उपासना आज का युगधर्म है। समाज में बालिकाओं की सुरक्षा, उन्हें परिवार में समुचित सम्मान, स्थान एवं महत्व मिले, यह नवरात्रि का सबसे पावन प्रसाद है।
इस अवसर पर छात्राओं द्वारा नवरात्रि पर सुन्दर भजन प्रस्तुत किए गए एवं छात्राओं द्वारा नवदुर्गा के वेश में सुन्दर सजीव झाँकी प्रस्तुत की गई तथा अत्यन्त मनोहारी रामकथा भी प्रस्तुत की गई। अन्याय, अत्याचार एवं असत्य पर न्याय, सदाचार एवं सत्य की जीत के पर्व विजया दशमी पर प्रतीक के रूप में रावण के पुतले का दहन किया गया।
नवरात्रि के अवसर हवन-पूजन के पश्चात् विद्यालय की 101 छात्रा बहनों को कन्या भोजन कराया गया।
विद्यालय की प्रधानाचार्य श्रीमती शिप्रा बाजपेई जी ने कहा कि माँ भगवती से यही कामना है कि समाज में मातृशक्ति के प्रति श्रद्धा का भाव हो तथा बालिकाओं को समाज में सुरक्षित एवं समुचित स्थान मिले। इन व्रतों, पर्वों का का उद्देश्य यही है कि हम सभी अपनी संस्कृति और परंपराओं का सम्मान करना सीखें। प्रधानाचार्य जी ने सभी को नवरात्रि एवं विजयदशमी की हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।
कार्यक्रम का सफल संचालन विद्यालय आचार्य डॉ० विजय कुमार शुक्ल ने किया।









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