अमर शहीद सुकवि कविवर स्वर्गीय भोलेनाथ जी शेखर जिनका की जन्म एवं मृत्यु एक ही तिथि दिनांक 13 अक्टूबर बड़ा ही अविस्मरणी है जिनका जन्म 13 अक्टूबर सन 1912 एवं निर्वाण तिथि 13 अक्टूबर 1965 करवा चौथ का वह दिन दशहरे मैंले की रामलीला का मंचन वाली पवित्र राम चबूतरे पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में आयोजित हो रहे अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में अपने प्राणों को निछावर करने वाले ऐसे प्रथम बिरला व्यक्तित्व अवधि के विख्यात एवं गृह जनपद लखीमपुर खीरी ही नहीं संपूर्ण हिंदी जगत और भारत की भूमि में भली प्रकार से प्रचलित अपनी छाप छोड़ने वाले भारतीय संस्कृति के अनन्या उपासक राष्ट्रीय कवि अमर शहीद सुकवि स्वर्गीय भोलेनाथ जी शेखर जिनकी याद में नगर पालिका परिषद लखीमपुर खीरी को उनकी स्मृतियां को जीवित रखने के लिए अखिल भारतीय कवि सम्मेलन को सदैव जीवित रखना चाहिए।*
अमर शहीद सुकवि कविवर स्वर्गीय भोलेनाथ जी शेखर जिनका की जन्म एवं मृत्यु एक ही तिथि दिनांक 13 अक्टूबर बड़ा ही अविस्मरणी है जिनका जन्म 13 अक्टूबर सन 1912 एवं निर्वाण तिथि 13 अक्टूबर 1965 करवा चौथ का वह दिन दशहरे मैंले की रामलीला का मंचन वाली पवित्र राम चबूतरे पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में आयोजित हो रहे अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में अपने प्राणों को निछावर करने वाले ऐसे प्रथम बिरला व्यक्तित्व अवधि के विख्यात एवं गृह जनपद लखीमपुर खीरी ही नहीं संपूर्ण हिंदी जगत और भारत की भूमि में भली प्रकार से प्रचलित अपनी छाप छोड़ने वाले भारतीय संस्कृति के अनन्या उपासक राष्ट्रीय कवि अमर शहीद सुकवि स्वर्गीय भोलेनाथ जी शेखर जिनकी याद में नगर पालिका परिषद लखीमपुर खीरी को उनकी स्मृतियां को जीवित रखने के लिए अखिल भारतीय कवि सम्मेलन को सदैव जीवित रखना चाहिए। *दिनांक 13 अक्टूबर सन 2007 को अमर शहीद सुकवि कविवरभोलेनाथ शेखर जी के पोत्र चिरंजीवी रतन शेखर एवं श्रीमती रचना शेखर के पुत्र के रूप में एकलव्य शेखर का इसी घर में जन्म हुआ। यह भी एक अत्यंत दुर्लभ सं...