पुलिस वालों के विषय में कहावत है यह किसी के नहीं होते(सूत्रों के अनुसार)इसी घटनाक्रम में यूपी के सीतापुर में बीजेपी कार्यकर्ताओं की हिरासत से दुखी होकर उत्तर प्रदेश के नगर विकास राज्य मंत्री राकेश राठौर 'गुरु' कोतवाली में पुलिस के रवैये को देख वाकई में भावुक होकर रो पड़े थे।
यूपी के सीतापुर में बीजेपी कार्यकर्ताओं की हिरासत से दुखी होकर उत्तर प्रदेश के नगर विकास राज्य मंत्री राकेश राठौर 'गुरु' कोतवाली में पुलिस के रवैये को देख वाकई में भावुक होकर रो पड़े थे। यह घटना उत्तर प्रदेश की राजनीति में प्रशासनिक हावी होने और जनप्रतिनिधियों की अनसुनी किए जाने के एक बड़े उदाहरण के रूप में सामने आई। घटना की पूरी कहानी (क्या हुआ था?)कार्यकर्ताओं की हिरासत: सीतापुर में प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे एक अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान भारतीय जनता पार्टी (BJP) के दो कार्यकर्ताओं (मिश्रा जी और गुप्ता जी) को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था।मंत्री जी की सिफारिश: जब मंत्री राकेश राठौर गुरु को इसकी जानकारी मिली, तो उन्होंने कार्यकर्ताओं को छुड़ाने के लिए स्थानीय कोतवाल और फिर जिले के पुलिस कप्तान (SP) को फोन मिलाया।अधिकारियों का टालमटोल: पुलिस के आला अधिकारी पूरे दिन मंत्री जी को यह कहकर टरकाते रहे कि "छोड़ रहे हैं, छोड़ रहे हैं," लेकिन देर रात तक कार्यकर्ताओं को रिहा नहीं किया गया।कोतवाली में हाई-वोल्टेज ड्रामा: जब फोन पर बात नहीं बनी, तो मंत्री जी खुद अपने समर्थ...