मकान मालिकों की मनमानी रोकने के लिए और किराएदारों के हित के लिए सरकार ने जारी किए नए नियम
भारत में मकान मालिक और किरायेदार के बीच संबंधों को सही तरीके से नियंत्रित करने के लिए सरकार ने 2025 में किराएदारों और मकान मालिकों के हितों को संतुलित करने वाले कई महत्वपूर्ण नए नियम लागू किए हैं। इन नियमों का उद्देश्य किराएदारों को सुरक्षा देने के साथ अनुचित बेदखली से बचाना, किराया वृद्धि को नियंत्रित करना और दोनों पक्षों के अधिकारों की रक्षा करना है। ऐसे में मकान मालिकों के लिए अब घर किराए पर देना पहले से ज्यादा मुश्किल हो गया है क्योंकि नए नियमों में उनकी कुछ प्रमुख शर्तों पर पाबंदी लगाई गई है।
सरकार द्वारा जारी किए गए किराया नियंत्रण अधिनियम के तहत अब मकान मालिक बिना रजिस्ट्रेशन के अपने मकान को किसी को भी किराए पर नहीं दे सकते। इसके अलावा, किरायेदार को घर खाली कराने में मकान मालिक की मनमानी रुक गई है। यदि किरायेदार समय पर किराया चुका रहा है और अनुबंध की शर्तों का पालन कर रहा है तो मकान मालिक उसे कम से कम 5 साल तक जबरदस्ती निकाल नहीं सकता।
नए नियमों में सिक्योरिटी डिपॉजिट की अधिकतम सीमा भी दो महीने के किराए तक सीमित कर दी गई है, जिससे मकान मालिक की मनमानी राशि वसूलने की सीमा तय हो गई है। मकान मालिक अब साल में मात्र एक बार ही किराया बढ़ा सकता है और वह भी राज्य सरकार द्वारा तय सीमा के भीतर
सबसे बड़ा बदलाव यह है कि बिना रजिस्ट्रेशन किए बिना किराया एग्रीमेंट अवैध माना जाएगा। मकान मालिकों को अब किराए पर देने से पहले मकान के किरायेदार के साथ पंजीकृत लिखित रेंट एग्रीमेंट करना जरूरी होगा। यह कदम मकान मालिकों की मनमानी को रोकने और किरायेदारों के अधिकारों को सुरक्षित रखने के लिए उठाया गया है। किराएदार अब बिना वैध रेंट एग्रीमेंट के मकान मालिक के आगे अपनी सुरक्षा का दावा कर सकते हैं।
इसके अलावा, नए नियमों के तहत मकान मालिक को किरायेदार को 30 से 60 दिन पहले नोटिस देना होगा यदि वह किराया बढ़ाना चाहता है। किराये में वृद्धि की सीमा अधिकतम 5 से 10 प्रतिशत के बीच राज्य सरकार निर्धारित करती है। मकान मालिक किराए में मनमानी उछाल नहीं ला सकते। म मकान मालिक की ओर से अचानक या जबरदस्ती घर खाली कराने की मनाही है, जब तक किरायेदार कानूनन किराया चुका रहा है और अनुबंध का पालन कर रहा है।
इन नए नियमों में मकान मालिक को इस बात पर ध्यान देना होगा कि बिजली, पानी, सफाई जैसी मूलभूत सुविधाएं किरायेदार को बिना बाधा के मिलती रहें। अगर किरायेदार की मृत्यु हो जाती है तो परिवार को किराए पर रहने के अधिकार भी मिलेंगे। इन नियमों के माध्यम से मकान मालिकों की मनमानी की घटनाओं पर कड़ी पाबंदी लगाई गई है।

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