पैसे न मिलने पर बांके बिहारी का भोग ही तैयार नहीं किया
वाह रे कलयुग! पैसे नहीं मिले तो बांके बिहारी का भोजन ही तैयार नहीं किया
इस खबर के पश्चात श्रद्धालुओं में इस बात को लेकर अत्यंत क्षोभ उत्पन्न हो रहा है, कई श्रद्धालुओं का कहना है जो वृंदावन में ही निवास करते हैं यह कार्य हलवाइयों से ले लेना चाहिए और श्रद्धालुओं को ही सौंप देना चाहिए जिन्होंने सिर्फ पैसे की खातिर प्रभु का भोग समय पर तैयार नहीं किया
मथुरा. वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर से बेहद अजीब खबर आ रही है कारण आज यहां सैकड़ों साल पुरानी भोग परंपरा टूट गई. ऐसा हलवाइयों के समय पर नहीं पहुंच पाने के कारण हुआ. भोग में देरी होता देख विश्व प्रसिद्ध ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में गरमा-गरमी का माहौल बन गया. सुबह लगने वाला प्रसाद कई घंटों की देरी से लगाया गया. ध्यान रहे सफला एकादशी पर भी बांके बिहारी महाराज को दोपहर का राजभोग भी समय पर नहीं मिला. एक के बाद एक हो रही भोग में देरी से गोस्वामी समाज में गुस्सा फैल गया. बांके बिहारी मंदिर की हाई पावर कमेटी के सदस्य दिनेश गोस्वामी ने बताया कि आज ठाकुर बांके बिहारी महाराज को समय पर भोग नहीं लग पाया. इसकी वजह कमेटी की ओर से मंदिर के लिए तय किए गए हलवाइयों का समय पर नहीं पहुंचना रहा.
हलवाई न आने से टूटी बांके बिहारी मंदिर की परंपरा, ठाकुर जी को नहीं लग पाया भोग
मंदिर में ठाकुर जी को रोज चार भोग लगाए जाते हैं. सुबह श्रृंगार के बाद बालभोग, दोपहर में राजभोग, शाम को उत्थापन भोग और रात को शयन भोग. एक व्यक्ति को भोग तैयार कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो हलवाइयों से भोग बनवाकर सेवाधिकारी को पहुंचाते हैं. आज (सोमवार) सुबह बालभोग समय पर नहीं पहुंचा. हंगामे के उपरांत पता चला कि कमेटी ने हलवाइयों का पिछला भुगतान नहीं किया, इसलिए वे काम पर ही नहीं आए. इससे गरमा-गरमी का माहौल बन गया. सेवादारों ने मांग की है कि हलवाइयों का तुरंत भुगतान किया जाए ताकि आगे चलकर ठाकुर जी सेवा में कोई रुकावट न आए. सुप्रीम कोर्ट ने इसी साल अगस्त में मंदिर प्रबंधन के लिए हाई पावर्ड कमेटी गठित की थी. गठन के बाद से ही इस कमेटी को लेकर उनके सदस्य और उनके कार्य को लेकर विवाद होता रहा है.
सेवादारों का कहना है पहली बार बाल भोग की परंपरा टूटी है. दिनेश गोस्वामी ने दावा कि कि मेरे जीवन में पहली बार ऐसा हुआ है कि ठाकुर जी को बाल भोग नहीं लगाया जा सका है. हलवाई से बात हो गई है. ठाकुरजी के भोग में दोबारा कोई व्यवधान न पहुंचे, इसे सुनिश्चित कर लिया गया है.

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