वंदेमातरम 150 वर्ष अमर योगदान का उत्सव
वंदेमातरम 150 वर्ष अमर योगदान का उत्सव
आज दिनाँक 11.04.2026 दिन शनिवार को विद्यालय में वन्दे मातरम् के 150 वर्ष 'अमर योगदान का उत्सव' के क्रम में कार्यक्रम आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारभ अतिथि के रूप में पधारी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की जिला संयोजक सुश्री तनिष्का जी, समाजसेवी श्री राजेश दीक्षित जी एवं विद्यालय की उपप्रधानाचार्य श्रीमती डॉ० सीमा मिश्रा द्वारा दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वन्दना से हुआ।
अपने उद्बोधन में सुश्री तनिष्का जी ने कहा कि आज हम सभी यहाँ एक अत्यंत गौरवशाली अवसर पर एकत्रित हुए हैं। हमारे राष्ट्रीय गीत वन्दे मातरम् की रचना को 150 वर्ष नवम्बर 2025 में पूर्ण हुए हैं। यह केवल एक गीत नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों की आस्था, शक्ति और बलिदान का प्रतीक है।
राजेश दीक्षित जी ने कहा कि 1875 के दशक में रचे गए इस गीत ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में प्राण फूंक दिए थे। जब ब्रिटिश हुकूमत ने इस पर पाबंदी लगानी चाही, तब यह गीत क्रांतिकारियों के लिए 'आजादी का मंत्र' बन गया। फांसी के फंदे को चूमते समय हो या लाठियों की मार सहते समय, वन्दे मातरम् का उद्घोष ही हर भारतीय की ढाल बना।
डॉ० सीमा मिश्रा जी ने कहा कि वन्दे मातरम् की रचना बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने की थी। 150 वर्षों के बाद भी, इस गीत की गूँज कम नहीं हुई है। आज जब हम एक विकसित भारत के निर्माण की ओर अग्रसर हैं, वन्दे मातरम् हमें सिखाता है कि अपनी मातृभूमि का सम्मान करना और उसकी सेवा करना ही सबसे बड़ा धर्म है। यह हमें विविधता में एकता और राष्ट्र के प्रति निःस्वार्थ प्रेम की प्रेरणा देता है।
इस अवसर पर समस्त स्टॉफ एवं छात्राओं ने सावधान की मुद्रा में पूरे वन्देमातरम् का एकाग्रचित होकर गायन किया एवं राष्ट्र सेवा का संकल्प लिया।






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