मिश्रित सीतापुर/ भूमि हड़पने की नीयत से सूत्रों के अनुसार कूट रचित दस्तावेजों के सहारे क्षेत्रीय लेखपाल और कानूनगो से सांठ गांठ करके कुछ चालाक लोगों ने मृतक व्यक्ति की वरासत अपने नाम ही दर्ज नहीं कर ली लेकिन बाद इसके भूमि की बिक्री भी कर डाली

मिश्रित सीतापुर/ भूमि हड़पने की नीयत से सूत्रों के अनुसार कूट रचित दस्तावेजों के सहारे क्षेत्रीय लेखपाल और कानूनगो से सांठ गांठ करके कुछ चालाक लोगों ने मृतक व्यक्ति की वरासत अपने नाम ही दर्ज नहीं कर ली लेकिन बाद इसके भूमि की बिक्री भी कर डाली 



मामला उप जिलाधिकारी के यहां विचाराधीन है। प्रकरण में मजेदार बात यह भी है की जाल साजों ने बेवा के राशन कार्ड में देवर और भतीजा बनकर बीते कई महीनो से सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान से योजना के तहत मुक्त राशन प्राप्त करके सरकारी आपूर्ति व्यवस्था को भी चूना लगा रहे हैं ।जानकारी होने पर पीड़िता ने तहसील प्रशासन और जिला प्रशासन से लिखित शिकायत करके जहां न्याय की गुहार लगाई है वही मुख्यमंत्री के जनसुनवाई पोर्टल पर भी संदर्भ संख्या 40015426 0313 21 दिनांक 25 अप्रैल दर्ज कराकर आरोपियों के विरुद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराने और कार्यवाही किए जाने की भी मांग की है पीड़ित बेवा महिला मालती देवी पत्नी स्वर्गीय चंद्रभाल निवासी ग्राम तहरापुर मजरा बड़रावां ब्लॉक एवं थाना मछरेहटा तहसील मिश्रित का यह भी आरोप है कि उसके मृतक पति की भूमि हड़पने वाले गांव के ही निवासी राजाराम पुत्र जगन्नाथ ,बैजनाथ पुत्र रघुनाथ के साथ ही भगवती प्रसाद पुत्र बाबूराम निवासी ग्राम तिलपुरवा मजरा बड़रावां थाना मछरेहटा ने जालसाजी करके उसके राशन कार्ड संख्या 2154 41044 637 में किसी दुन्ना पुत्र चौधरी को देवर के रूप में और सौरभ पुत्र दुन्ना को भतीजे के रूप में सम्मिलित कराकर शासन की मुक्त अनाज योजना का बीते 15 जनवरी 2026 से लाभ उठा रहे है। पीड़िता बताती है कि वह राशन कार्ड ऑनलाइन कराने के बाद से कहीं बाहर रिश्तेदारी में चली गई थी उसका राशन कार्ड कब बना उसे पता ही नहीं है जिसमें दुन्ना और सौरभ यूनिट के रूप में दर्ज है जो हर माह सरकार की योजना को राशन उठान करके चूना लगा रहे हैं मामले में एक चौंकाने वाली इस बात का भी पीड़िता ने खुलासा किया है कि उसकी एक तीन वर्ष की बच्ची लक्ष्मी है जिसका जन्म प्रमाण पत्र भी संख्या 91062 004489 दिनांक 15/ 12/ 2022 भी जलसाजो ने जारी कराकर हड़प लिया है इतना ही नहीं पीड़ित बेवा का आरोपियों पर एक गंभीर आरोप यह भी है कि हेर फेर और कूट रचित दस्तावेजों के सहारे उसके मृतक पति की भूमि हड़प कर बेच लेने वाले जालसाजो ने पता नहीं किस तरह बैंक ऑफ इंडिया शाखा मिश्रित में उसके नाम से एक बचत खाता संख्या 6845 10 1100 15261 में पति का नाम बदलकर खुलवा लिया है जिसकी सुविज्ञ जानकार सूत्रों से उसे जानकारी हुई है जिसमें खाता खुलने के बाद से उसने एक बार भी जमा निकासी नहीं की है पीड़िता बेवा ने तहसील प्रशासन और जिला प्रशासन के साथ ही मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराकर आरोपी जालसाजों के विरुद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराकर न्याय दिलाए जाने की मांग की है।

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