संदेश

बाबा साहब की जयंती पर जनपद में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, अधिकारी-कर्मचारी ने अर्पित की पुष्पांजलि

चित्र
बाबा साहब की जयंती पर जनपद में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, अधिकारी-कर्मचारी ने अर्पित की पुष्पांजलि *जिलेभर में उत्साह, उल्लास, उमंग से मनाई गई आंबेडकर जयंती* *डीएम ने किया माल्यार्पण, डॉ. आंबेडकर के बताए मार्ग पर चलने का किया आह्वान* लखीमपुर खीरी, 14 अप्रैल। संविधान निर्माता और भारत रत्न डॉ. भीमराव आम्बेडकर की जयंती के अवसर पर लखीमपुर खीरी में श्रद्धा, सम्मान और संकल्प का अनुपम दृश्य देखने को मिला। मंगलवार को जिला प्रशासन के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अधिकारी, कर्मचारी ने सहभागिता कर बाबा साहब को श्रद्धांजलि अर्पित की। केवल जिला मुख्यालय ही नहीं, बल्कि जनपद की सभी तहसीलों और ब्लॉक मुख्यालयों पर भी विविध कार्यक्रमों का आयोजन कर डॉ. आम्बेडकर की विचारधारा को सम्मानपूर्वक स्मरण किया गया। *जिला मुख्यालय पर हुआ भव्य आयोजन* कलेक्ट्रेट स्थित अटल सभागार में कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसमें डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने एडीएम नरेंद्र बहादुर सिंह, एडीएम न्यायिक ब्रजपाल सिंह, एसडीएम युगांतर त्रिपाठी, अर्चना ओझा, शुभेंदु शेखर, डिप्टी आरएमओ नमन पाण्डेय, सहायक श्रमायुक्त मयंक सिंह, प...

विस्थापित एवं थारू जनजाति परिवारों को संक्रमणीय भूमिधर का अधिकार, 2021 से लागू : डीएम

चित्र
विस्थापित एवं थारू जनजाति परिवारों को संक्रमणीय भूमिधर का अधिकार, 2021 से लागू : डीएम लखीमपुर खीरी, 14 अप्रैल। डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने जनसामान्य को सूचित करते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश अध्यादेश संख्या-7 सन् 2026 में विहित प्राविधानों के क्रम में पूर्वी पाकिस्तान/बांग्लादेश से विस्थापित होकर जनपद खीरी की तहसील गोला, धौरहरा व मोहम्मदी में बसाये गये 331 हिंदू परिवारों तथा तहसील पलिया में उपनिवेश (Colonization) योजना के अन्तर्गत बसाये गये 2350 परिवारों व थारू जनजाति के 4356 परिवारों को उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता 2006 की धारा-76 के अन्तर्गत वर्ष 2016 से असंक्रमणीय भूमिधर के अधिकार प्रदान करते हुए वर्ष 2016 से अग्रेतर 5 वर्ष की अवधि पूर्ण कर चुके इन परिवारों को वर्ष 2021 से संक्रमणीय भूमिधर के अधिकार प्रदान किये गये है। सरकार के इस निर्णय को इन परिवारों के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

लखीमपुर खीरी बाबा साहब भारत रत्न भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर जिला अध्यक्ष अरविंद गुप्ता, सदर विधायक योगेश वर्मा सहित भाजपायों ने माल्यार्पण किया तथा श्रद्धांजलि अर्पित की

चित्र
लखीमपुर खीरी बाबा साहब भारत रत्न भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर जिला अध्यक्ष अरविंद गुप्ता, सदर विधायक योगेश वर्मा सहित भाजपायों ने माल्यार्पण किया तथा श्रद्धांजलि अर्पित की  बाद में अंबेडकर पार्क में संविधान की रक्षा का संकल्प भाजपा जिला अध्यक्ष अरविंद गुप्ता ने दिलाया, बाबा साहब की जयंती जिला उपाध्यक्ष आशू मिश्रा सहित भाजपा ने नगर के के कमलापुर के अंबेडकर इंटर कॉलेज में बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया इसके अतिरिक्त भाजपा ने ने जिले के सभी मंडल विधानसभाओं एवं बूथ पर भी पर बाबा साहब के चित्र पर माल्यार्पण कर समारोह पूर्वक मनाया  इस अवसर पर जिला अध्यक्ष अरविंद गुप्ता ने कहां कि संविधान निर्माण में बाबा साहब के योगदान को भूलाया नहीं जा सकता, भारत रत्न बाबा साहब को शत-शत नमन इस अवसर पर सदर विधायक योगेश वर्मा, नगर पालिका अध्यक्ष  डॉक्टर इरा श्रीवास्तव ,वरिष्ठ भाजपा नेता आनंद अवस्थी, ब्लॉक प्रमुख पवन गुप्ता, किरण अग्रवाल, रश्मि गुप्ता, राजू अग्रवाल ,नगर अध्यक्ष देवदत्त चढढ़ा ,जिला मीडिया प्रभारी रमेश चंद्र मिश्र,अंकित अवस्थी, गंगाराम राजपूत एडवोकेट, राजेंद्र वर्मा, राजी...

गुरु‌द्वारा श्री गुरु तेग बहादुर साहिब, पंजाबी कॉलोनी में बैसाखी एवं खालसा सजना दिवस श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया

चित्र
गुरु‌द्वारा श्री गुरु तेग बहादुर साहिब, पंजाबी कॉलोनी में बैसाखी एवं खालसा सजना दिवस श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया लखीमपुर खीरी, 13 अप्रैल बैसाखी एवं खालसा सजना दिवस के पावन अवसर पर गुरु‌द्वारा श्री गुरु तेग बहादुर साहिब, पंजाबी कॉलोनी में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर बड़ी संख्या में अंगाने श्रद्धा आव से भाग लिया और गुरु घर की खुशियों में शामिल हुए। बैसाखी का पर्व सिख इतिहास में विशेष महत्व रखता है। वर्ष 1699 में दसवें गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज ने श्री आनंदपुर साहिब में खालसा पंथ की स्थापना की थी, जिसे खालसा सजना दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन गुरु साहिब ने पंच प्यारों को अमृत छकाकर एक नई पहचान दी और सिखों को धर्म, साहस और समानता का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान कीर्तन, अरदास एवं गुरु वाणी का पाठ किया गया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। विशेष रूप से आए कथा वाचक भाई तजिंदर सिंह जी एवं कीर्तनी जत्था भाई अमनप्रीत सिंह जी (पाँटा साहिब) ने संगत को गुरु इतिहास एवं गुरबाणी से जोड़ा। स्त्री सेवा समिति और अजमानी पब्लिक स्कूल के बच्चों द्वारा भी सुंद र...

जब फलदार पेड़ बढ़ेंगे, तब ही गौरैया लौटेगी; और जब गौरैया लौटेगी, तब ही प्रकृति मुस्कुराएगी।

चित्र
विकास की आंधी में उजड़ते फलदार वृक्ष गुम होती गौरैया “गौरैया की वापसी का रास्ता,फलदार वृक्षों से हरियाली और जीवन” आज शहरों की सुबह पहले जैसी नहीं रही। कभी घरों के आंगन, खिड़कियों और छतों पर चहकने वाली गौरैया व अन्य पंछी अब धीरे-धीरे हमारी जिंदगी से विलुप्त होती जा रही है। उसकी मधुर आवाज, जो कभी सुबह की पहचान हुआ करती थी, अब बहुत कम सुनाई देती है। यह केवल एक पक्षी के गायब होने की कहानी नहीं है, बल्कि यह हमारे पर्यावरण और जीवनशैली में आए असंतुलन का संकेत है। मेरे विचार से गौरैया और अन्य पक्षियों के कम होने का सबसे बड़ा कारण है,फलदार वृक्षों की लगातार घटती संख्या। पहले हमारे आसपास आम, अमरूद, जामुन, बेर, आंवला जैसे पेड़ों की भरमार होती थी उन पर गिलहरियों को खुद आता हुआ हम अक्सर देखा करते थे। ये पेड़ केवल छाया या फल देने तक सीमित नहीं थे, बल्कि ये एक पूरे पारिस्थितिकी तंत्र के आधार थे। इन पेड़ों पर छोटे-छोटे कीट पनपते थे, जो गौरैया और अन्य पक्षियों का मुख्य भोजन होते थे। साथ ही, इनकी शाखाएं पक्षियों को सुरक्षित घोंसला बनाने के लिए उपयुक्त स्थान देती थीं। लेकिन आज का शहरी विकास इस प्राकृतिक ...

जिला लखीमपुर खीरी में बड़े स्कूलों की पुस्तक और ड्रेस मिलती है उनके ही दुकानदारों पर- शासन का आदेश उनके लिए कोई मायने नहीं रखता

चित्र
जिला लखीमपुर खीरी में बड़े स्कूलों की पुस्तक और ड्रेस मिलती है उनके ही दुकानदारों पर- शासन का आदेश उनके लिए कोई मायने नहीं रखता जिला लखीमपुर खीरी में भी स्कूलों की मनमानी रुक नहीं रही है लगभग हर स्कूल के अपने किताब बेचने वाली दुकानदार है जिसमें स्कूलों को तो कमीशन मिलता ही मिलता है साथ में दुकानदार भी मोटा मुनाफा कमाता है और इसमें जो किताबें छपते हैं अर्थात जो प्रकाशक है वह भी बहुत ज्यादा मोटा मुनाफा कमाते सोने का विषय यह है एक किताब के अंदर प्रिंटिंग कितनी महंगी होगी उसके पन्ने कितने महंगे होंगे जो एक-एक किताब के दाम 500/  ₹600 रख दिए जाते हैं उदाहरण के लिए लखीमपुर खीरी के निजी स्कूल का एक पर्चा दे रहे हैं  आप देखें कि वहां पर किताबें और कॉपी और किस कदर महंगी है प्रशासन कितना ही जोर लगा ले लेकिन इन स्कूलों के तंत्र पर लगाम लगाना बेहद मुश्किल होता जा रहा है बच्चों की ड्रेस भी अब स्कूलों की चुनी हुई दुकानों पर ही मिलती है, यह जांच का विषय है और इससे विषय में प्रशासन को पहल करनी ही चाहिए क्योंकि यहां पर लखीमपुर खीरी के जितने भी महंगे विद्यालय हैं उनकी पुस्तक और उनकी ड्रेस उनके स...

पूरे प्रदेश में निजी स्कूलों की मनमानी फीस, कॉपी-किताब और स्टेशनरी वसूली को लेकर मचे बवाल के बीच प्रशासन की भूमिका अब सवालों के घेरे में

चित्र
 “घोषणाओं के ‘हास्य पात्र’ बनते जिला अधिकारी? स्कूलों पर कार्रवाई शून्य, अभिभावकों की जेब पहले ही खाली”। लखनऊ/उत्तर प्रदेश: राजधानी लखनऊ समेत पूरे प्रदेश में निजी स्कूलों की मनमानी फीस, कॉपी-किताब और स्टेशनरी वसूली को लेकर मचे बवाल के बीच जिला प्रशासन की भूमिका अब सवालों के घेरे में आ गई है। हालात ऐसे बन गए हैं कि कई जगहों पर  अधिकारी सिर्फ घोषणाएं करते नजर आ रहे हैं, जबकि जमीनी स्तर पर कार्रवाई शून्य बनी हुई है।  अधिकारी (लखनऊ) सहित अन्य जिलों के अधिकारियों द्वारा बार-बार कमेटी गठन और जांच के दावे किए गए, लेकिन अब ये दावे सोशल मीडिया पर मज़ाक का विषय बनते जा रहे हैं। आम लोगों के बीच यह धारणा तेजी से बन रही है कि जिला में अधिकारियों के वश की बात नहीं है कि वे बड़े और प्रभावशाली स्कूलों पर कोई ठोस कार्रवाई कर सकें। सूत्रों के अनुसार, करीब 80 से 90 प्रतिशत अभिभावकों से पहले ही फीस, किताबें और अन्य शुल्क के नाम पर पूरी वसूली की जा चुकी है। ऐसे में अब जांच और कमेटी गठन की बातें सिर्फ “खानापूर्ति” जैसी प्रतीत हो रही हैं। जिन अभिभावकों को लूटा जाना था, वे लुट चुके—अब कार्रवाई क...