उत्तर प्रदेश लोक एवं जनजाति संस्कृति संस्थान (संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार) के तत्वावधान में भारत–नेपाल मैत्री महोत्सव के अंतर्गत युवराज दत्त स्नातकोत्तर महाविद्यालय, लखीमपुर-खीरी के गोल्डेन जुबली हॉल में बुधवार को भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया
उत्तर प्रदेश लोक एवं जनजाति संस्कृति संस्थान (संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार) के तत्वावधान में भारत–नेपाल मैत्री महोत्सव के अंतर्गत युवराज दत्त स्नातकोत्तर महाविद्यालय, लखीमपुर-खीरी के गोल्डेन जुबली हॉल में बुधवार को भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में संगोष्ठी के साथ रंगोली, चित्रकला एवं लोकनृत्य प्रतियोगिताओं के साथ भारत–नेपाल की साझा सांस्कृतिक विरासत का सजीव प्रदर्शन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के संस्थापक श्रीमान् राजा युवराज दत्त सिंह जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं माँ सरस्वती के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इसके पश्चात अतिथियों का स्वागत, सरस्वती वंदना एवं कुलगीत की प्रस्तुति हुई। तत्पश्चात उत्तर प्रदेश लोक एवं जनजाति संस्कृति संस्थान, लखनऊ के निदेशक श्री अतुल द्विवेदी ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए श्रोताओं को इस प्रकल्प के महत्त्व से परिचित कराया।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शृंखला में बी.ए. द्वितीय सेमेस्टर की छात्राओं द्वारा क्रमशः प्रियांशी ने नेपाली नृत्य, वर्षा, कोयल एवं पूनम ने थारू जनजातीय नृत्य तथा लवी ने कजरी नृत्य प्रस्तुत किया। इसके उपरांत मुख्य वक्ता प्रो. संजय कुमार, विभाग प्रभारी राजनीति शास्त्र ने भारत–नेपाल संबंधों के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं राजनयिक आयामों पर विद्वत्तापूर्ण व्याख्यान देते हुए कहा कि भारत–नेपाल संबंधों की शक्ति उनकी सांस्कृतिक निरंतरता में निहित है और विद्यार्थियों को अपनी सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के प्रति जागरूक रहना चाहिए।इसके पश्चात नैना गुप्ता द्वारा कत्थक शैली में होली नृत्य तथा जनजातीय होली नृत्य की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सदर विधायक श्री योगेश वर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारत–नेपाल की मित्रता हमारी साझा लोकसंस्कृति की जीवित पहचान है, और ऐसे आयोजन इस संबंध को और सुदृढ़ करते हैं।
कार्यक्रम के अध्यक्ष एवं महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) हेमन्त कुमार पाल ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में “वसुधैव कुटुम्बकम्” की भावना को रेखांकित करते हुए कहा कि यह महोत्सव हमारी सांस्कृतिक एकता को नई पीढ़ी से जोड़ने का सशक्त सेतु है तथा भारत और नेपाल के मध्य प्रेम एवं सौहार्द को और प्रगाढ़ बनाता है।
कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित रंगोली, चित्रकला एवं लोकनृत्य प्रतियोगिताओं में 100 से अधिक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र तथा विशिष्ट प्रतिभागियों को स्मृति-चिह्न प्रदान किए गए। कार्यक्रम का समापन वंदे मातरम् एवं राष्ट्रगान के साथ हुआ।
कार्यक्रम की संयोजक प्रो. ज्योति पंत (अर्थशास्त्र विभाग) रहीं, जिनके कुशल निर्देशन में कार्यक्रम सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।
प्राप्त सूचना के अनुसार महोत्सव की अगली कड़ी के रूप में 26 फरवरी, 2026 को राजकीय एकलव्य आश्रम पद्धति इंटर कॉलेज, लखीमपुर-खीरी में मुख्य आयोजन किया जाएगा।
इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के सत्र 1976–77 में बी0 एससी0 के विद्यार्थी रहे, विदेश में भी कार्यरत रहे और ओ एन जी सी में अहम पदों से सेवानिवृत्त हुए श्री मनोज कुमार गुप्ता जी उपस्थिति आकर्षण का विषय रही। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर सक्रिय रहकर अपने लक्ष्य में लगन से संन्नद्ध रहने की प्रेरणा दी और कहा कि उनके समय के महाविद्यालय की शिक्षा वैश्विक स्तर की थी। कार्यक्रम को सार्थक बनाने हेतु महाविद्यालय के शिक्षकगण, कर्मचारी-वृंद तथा भारी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।






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