नई पंचायतों के गठन के पहले पुराने प्रधानों को मिली जिम्मेदारी, पर नहीं ले सकेंगे ये बड़े फैसले; आदेश जारी

नई पंचायतों के गठन के पहले पुराने प्रधानों को मिली जिम्मेदारी, पर नहीं ले सकेंगे ये बड़े फैसले; आदेश जारी



Lucknow... 


योगी सरकार ने पुराने ग्राम प्रधानों को बनाया प्रभारी। पंचायत चुनाव के बाद नई ग्राम पंचायतों के गठन तक गांवों में प्रशासनिक कामकाज प्रभावित न हो, इसके लिए प्रदेश सरकार ने पुराने ग्राम प्रधानों को प्रभारी बना दिया है। नई पंचायत की पहली बैठक होने तक या अधिकतम छह माह की अवधि तक पूर्व प्रधान ग्राम पंचायतों का कार्यभार संभालेंगे।


ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 26 मई 2026 को समाप्त हो चुका है। पंचायती राज विभाग के प्रमुख सचिव अनिल कुमार की ओर से जारी आदेश के मुताबिक 27 मई से पूर्व प्रधानों को प्रभारी के रूप में कार्य करने की अनुमति दी गई है। प्रभारी प्रधान ग्राम पंचायत के सामान्य और जरूरी कार्यों का संचालन कर सकेंगे, लेकिन किसी नए विकास कार्य, योजना या नीतिगत निर्णय पर स्वतंत्र रूप से फैसला नहीं ले सकेंगे। प्रभारी बनाए जाने से पहले स्वीकृत योजनाओं, निर्माणाधीन कार्यों और पूर्ण हो चुके कार्यों के भुगतान की प्रक्रिया पहले की तरह जारी रहेगी। वहीं, किसी नए कार्य को शुरू करने के लिए जिलाधिकारी की पूर्व अनुमति अनिवार्य होगी।

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