खीरी में ‘स्व-गणना’ का शंखनाद : डीएम-सीडीओ से लेकर विधायकों तक ने मोबाइल से भरा ऑनलाइन प्रपत्र
खीरी में ‘स्व-गणना’ का शंखनाद : डीएम-सीडीओ से लेकर विधायकों तक ने मोबाइल से भरा ऑनलाइन प्रपत्र
*स्कूलों में रैली, गांव-शहर में जागरूकता अभियान, 34 सवालों के जवाब देकर खुद भर सकेंगे जनगणना डेटा*
लखीमपुर खीरी, 07 मई। देश की पहली डिजिटल जनगणना की दिशा में लखीमपुर खीरी जिले ने जोरदार शुरुआत कर दी है। सात मई से शुरू हुए ‘स्व-गणना’ अभियान में जनप्रतिनिधियों, अफसरों और कर्मचारियों ने खुद आगे आकर ऑनलाइन प्रपत्र भरते हुए आमजन को भी इस राष्ट्रीय महाभियान से जुड़ने का संदेश दिया।
कलेक्ट्रेट से लेकर गांव की चौपाल तक ‘अपनी जनगणना, खुद करें’ का संदेश गूंजता रहा। डीएम अंजनी कुमार सिंह, सीडीओ अभिषेक कुमार, एडीएम नरेंद्र बहादुर सिंह, एडीएम (न्यायिक) समेत विधायक योगेश वर्मा, लोकेंद्र प्रताप सिंह और सौरभ सिंह सोनू सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने मोबाइल के जरिए अपना स्व-गणना प्रपत्र भरकर अभियान का शुभारंभ किया।
जिलेभर में जागरूकता का माहौल नजर आया। नगर और ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में रैलियां निकाली गईं। बच्चों ने स्लोगन, पोस्टर और प्रतियोगिताओं के माध्यम से लोगों को डिजिटल जनगणना के प्रति जागरूक किया। प्रशासन ने इसे “जनभागीदारी से जनगणना” का स्वरूप देने की रणनीति बनाई है।
डीएम अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि सात मई से शुरू हुआ स्व-गणना चरण नागरिकों को अपनी जानकारी स्वयं दर्ज करने का अवसर देता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे इंटरनेट के माध्यम से पोर्टल पर जाकर सही और प्रमाणिक आंकड़े भरें। डीएम ने कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं, बल्कि देश की विकास योजनाओं की बुनियाद है। सही डेटा से ही सरकार की नीतियां और योजनाएं धरातल पर प्रभावी बनती हैं।
सीडीओ अभिषेक कुमार ने स्व-गणना पोर्टल पर अपनी गणना दर्ज की और जनपदवासियों से समय से अपनी जानकारी भरने की अपील की। कहा कि सटीक आंकड़ों से ही विकास योजनाएं अधिक प्रभावी बन सकेंगी, इसलिए सभी लोग अभियान में सक्रिय भागीदारी करें।
एडीएम नरेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि प्रथम चरण में नागरिकों को मकान गणना एवं सूचीकरण करना होगा। पोर्टल पर मकान और सुविधाओं से जुड़े 34 प्रश्न पूछे जाएंगे, जिनका उत्तर देकर कोई भी व्यक्ति अपनी स्व-गणना पूरी कर सकता है। फाइनल सबमिट के बाद एक यूनिक आईडी जनरेट होगी, जिसे सुरक्षित रखना जरूरी है। 22 मई से 22 जून तक प्रगणक घर-घर जाकर विवरण का सत्यापन करेंगे। नागरिक अपनी जनरेटेड आईडी दिखाकर डाटा की पुष्टि करा सकेंगे। एडीएम ने जनपदवासियों से 15 दिवसीय अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने और इसे सफल बनाने की अपील की।
*जिला, तहसील और ब्लॉक स्तर पर ‘स्व-गणना’ का अभियान जोरों पर, कार्मिकों ने भरे ऑनलाइन प्रपत्र*
डिजिटल जनगणना-2027 के तहत शुरू हुए ‘स्व-गणना’ अभियान ने जिले में रफ्तार पकड़ ली है। जिला, तहसील एवं ब्लॉक स्तर के सभी कार्यालयों में कार्मिकों द्वारा बड़े पैमाने पर ऑनलाइन स्व-गणना प्रपत्र भरे जा रहे हैं।
प्रशासनिक अमले में इस अभियान को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी स्वयं आगे आकर पोर्टल पर अपनी पारिवारिक एवं आवासीय जानकारी दर्ज कर रहे हैं। जिला प्रशासन ने सभी कार्यालयों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने स्तर पर कार्मिकों को स्व-गणना के लिए प्रेरित करें और अभियान को शत-प्रतिशत सफल बनाने में योगदान दें।



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