बैंक कर्ज के दबाव में परिवार ने उठाया खौफनाक कदम*: मां-बेटे की मौत, पिता जिंदगी से जंग लड़ रहा
बैंक कर्ज के दबाव में परिवार ने उठाया खौफनाक कदम*: मां-बेटे की मौत, पिता जिंदगी से जंग लड़ रहा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी के बंथरा थाना क्षेत्र स्थित नींवा गांव में शुक्रवार को एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई। आर्थिक तंगी और बैंक लोन के दबाव में आकर एक ही परिवार के तीन सदस्यों ने जहरीला पदार्थ गटक लिया। इस दर्दनाक घटना में मां और बड़े बेटे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पिता की हालत अत्यंत गंभीर बनी हुई है।
घटना का खुलासा उस समय हुआ जब छोटे बेटे कुलदीप ने सुबह अपने पिता रूपनारायण को गंभीर हालत में उल्टियां करते देखा। कमरे के भीतर का दृश्य बेहद भयावह था—मां तारावती और बड़ा भाई संदीप बेसुध पड़े थे और दोनों के मुंह से झाग निकल रहा था। घबराए कुलदीप ने तुरंत यूपी डायल 112 को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से तीनों को प्रसाद हॉस्पिटल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने 52 वर्षीय तारावती और 30 वर्षीय संदीप को मृत घोषित कर दिया। वहीं 55 वर्षीय रूपनारायण का इलाज जारी है और उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।
पुलिस जांच में मृतक संदीप की जेब से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसमें परिवार ने इस आत्मघाती कदम के लिए स्वयं को जिम्मेदार ठहराया है। जानकारी के अनुसार, संदीप अविवाहित था और अपने पिता के साथ मिलकर गांव के बाहर चाय-समोसे का छोटा होटल चलाता था। लंबे समय से बैंक कर्ज न चुका पाने के कारण परिवार मानसिक तनाव में था। ग्रामीणों का कहना है कि रूपनारायण पिछले कुछ दिनों से काफी गुमसुम रहने लगे थे और आर्थिक तंगी के चलते घर में मायूसी छाई हुई थी।
फिलहाल पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और सुसाइड नोट की लिखावट की जांच की जा रही है। साथ ही छोटे बेटे कुलदीप और अन्य परिजनों से पूछताछ कर यह भी पता लगाया जा रहा है कि कहीं परिवार पर बैंक या किसी अन्य व्यक्ति द्वारा अतिरिक्त वसूली का दबाव तो नहीं डाला जा रहा था। इस हृदयविदारक घटना से पूरे इलाके में शोक और चर्चा का माहौल है।

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