राममंदिर में दान राशि में गोलमाल मामले के तूल पकड़ने के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मामले की जांच और तेज
राम मंदिर के चढ़ावे के गोलमाल की जांच शुरू, खंगाले गए दान कक्षों में लगे सीसीटीवी फुटेज
राममंदिर में दान राशि में गोलमाल मामले के तूल पकड़ने के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मामले की जांच और तेज कर दी है। दान संग्रह, गणना और बैंक में जमा करने की पूरी प्रक्रिया की पड़ताल शुरू कर दी गई है। दान राशि के संचालन के दौरान हर गतिविधि के सत्यापन के लिए मंदिर परिसर और दान कक्षों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
वहीं, राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र चार दिन बाद शनिवार को फिर अयोध्या पहुंचेंगे और पहले से तय राम मंदिर निर्माण समिति की बैठक में शामिल होंगे। उनका यह दौरा मौजूदा घटनाक्रम को लेकर बेहद अहम माना जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि मिश्र ट्रस्ट के पदाधिकारियों के साथ चढ़ावे की रकम को लेकर भी चर्चा करेंगे।
*प्रक्रिया में शामिल कर्मचारियों के नाम सामने आए*
ट्रस्ट की ओर से अब तक की जांच में कुछ ऐसे व्यक्तियों को चिह्नित किया गया है, जिनकी भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है। इनमें ट्रस्ट की व्यवस्था से जुड़े कुछ कर्मियों के साथ बैंकिंग प्रक्रिया में शामिल कर्मचारियों के नाम भी सामने आए हैं। हालांकि, अभी किसी के खिलाफ कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मामले की जांच के लिए गठित समिति दान पेटिकाओं को खोलने, नकदी की गिनती, रिकॉर्ड तैयार करने और बैंक में जमा करने तक की पूरी प्रक्रिया का मिलान कर रही है। सीसीटीवी फुटेज के साथ रजिस्टर, नकदी गणना विवरण, बैंक जमा पर्चियां और संबंधित दस्तावेजों का भी परीक्षण किया जा रहा है। यह देखा जा रहा है कि कहीं किसी स्तर पर प्रक्रिया का उल्लंघन तो नहीं हुआ या रिकॉर्ड और वास्तविक जमा राशि में कोई अंतर तो नहीं है।
खातों में जमा की गई राशि का कराया जा रहा मिलान
जांच समिति तकनीकी और वित्तीय दोनों पहलुओं पर जांच कर रही है। इसके तहत विभिन्न तिथियों के लेनदेन का ऑडिट ट्रेल तैयार किया जा रहा है, जिससे धनराशि की आवाजाही का सटीक विवरण सामने आ सके। जांच टीम बैंक अधिकारियों से भी जानकारी जुटा रही है और संबंधित खातों में जमा की गई राशि का मिलान कराया जा रहा है।
गोविंद देव गिरी के निर्देशन में गठित कमेटी करेगी जांच
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी के निर्देशन में एक विशेष जांच कमेटी गठित की गई है, जो पूरे प्रकरण की तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर जांच करेगी। जांच कमेटी में सेवानिवृत्त न्यायाधीशों के अलावा ट्रस्ट व संघ के पदाधिकारी शामिल हैं। कमेटी पड़ताल करेगी कि क्या यह मामला किसी एक व्यक्ति की हरकत है या फिर संगठित स्तर पर मिलीभगत है। कमेटी की रिपोर्ट ट्रस्ट प्रबंधन को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर विभागीय कार्रवाई, सेवा समाप्ति अथवा कानूनी कार्रवाई जैसे कदम उठाए जा सकते हैं।
*सीबीआई जांच के लिए याचिका दाखिल*
राम मंदिर के चढ़ावे के गबन का मामला शुक्रवार को हाईकोर्ट पहुंच गया। मामले की सीबीआई जांच कराने समेत महालेखा परीक्षक नियंत्रक (कैग) से ऑडिट कराने की पीआईएल शुक्रवार को हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में दाखिल हुई है। इसपर अगले सप्ताह सुनवाई संभावित है।
स्थानीय अधिवक्ता मोहित अशोक ने जनहित याचिका दाखिल कर कथित गबन मामले की जांच समेत केस*राम मंदिर के चढ़ावे के गोलमाल की जांच शुरू, खंगाले गए दान कक्षों में लगे सीसीटीवी फुटेज*
Ayodhya...
राममंदिर में दान राशि में गोलमाल मामले के तूल पकड़ने के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मामले की जांच और तेज कर दी है। दान संग्रह, गणना और बैंक में जमा करने की पूरी प्रक्रिया की पड़ताल शुरू कर दी गई है। दान राशि के संचालन के दौरान हर गतिविधि के सत्यापन के लिए मंदिर परिसर और दान कक्षों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
वहीं, राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र चार दिन बाद शनिवार को फिर अयोध्या पहुंचेंगे और पहले से तय राम मंदिर निर्माण समिति की बैठक में शामिल होंगे। उनका यह दौरा मौजूदा घटनाक्रम को लेकर बेहद अहम माना जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि मिश्र ट्रस्ट के पदाधिकारियों के साथ चढ़ावे की रकम को लेकर भी चर्चा करेंगे।
*प्रक्रिया में शामिल कर्मचारियों के नाम सामने आए*
ट्रस्ट की ओर से अब तक की जांच में कुछ ऐसे व्यक्तियों को चिह्नित किया गया है, जिनकी भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है। इनमें ट्रस्ट की व्यवस्था से जुड़े कुछ कर्मियों के साथ बैंकिंग प्रक्रिया में शामिल कर्मचारियों के नाम भी सामने आए हैं। हालांकि, अभी किसी के खिलाफ कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मामले की जांच के लिए गठित समिति दान पेटिकाओं को खोलने, नकदी की गिनती, रिकॉर्ड तैयार करने और बैंक में जमा करने तक की पूरी प्रक्रिया का मिलान कर रही है। सीसीटीवी फुटेज के साथ रजिस्टर, नकदी गणना विवरण, बैंक जमा पर्चियां और संबंधित दस्तावेजों का भी परीक्षण किया जा रहा है। यह देखा जा रहा है कि कहीं किसी स्तर पर प्रक्रिया का उल्लंघन तो नहीं हुआ या रिकॉर्ड और वास्तविक जमा राशि में कोई अंतर तो नहीं है।
खातों में जमा की गई राशि का कराया जा रहा मिलान
जांच समिति तकनीकी और वित्तीय दोनों पहलुओं पर जांच कर रही है। इसके तहत विभिन्न तिथियों के लेनदेन का ऑडिट ट्रेल तैयार किया जा रहा है, जिससे धनराशि की आवाजाही का सटीक विवरण सामने आ सके। जांच टीम बैंक अधिकारियों से भी जानकारी जुटा रही है और संबंधित खातों में जमा की गई राशि का मिलान कराया जा रहा है।
गोविंद देव गिरी के निर्देशन में गठित कमेटी करेगी जांच
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी के निर्देशन में एक विशेष जांच कमेटी गठित की गई है, जो पूरे प्रकरण की तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर जांच करेगी। जांच कमेटी में सेवानिवृत्त न्यायाधीशों के अलावा ट्रस्ट व संघ के पदाधिकारी शामिल हैं। कमेटी पड़ताल करेगी कि क्या यह मामला किसी एक व्यक्ति की हरकत है या फिर संगठित स्तर पर मिलीभगत है। कमेटी की रिपोर्ट ट्रस्ट प्रबंधन को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर विभागीय कार्रवाई, सेवा समाप्ति अथवा कानूनी कार्रवाई जैसे कदम उठाए जा सकते हैं।
*सीबीआई जांच के लिए याचिका दाखिल*
राम मंदिर के चढ़ावे के गबन का मामला शुक्रवार को हाईकोर्ट पहुंच गया। मामले की सीबीआई जांच कराने समेत महालेखा परीक्षक नियंत्रक (कैग) से ऑडिट कराने की पीआईएल शुक्रवार को हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में दाखिल हुई है। इसपर अगले सप्ताह सुनवाई संभावित है।
स्थानीय अधिवक्ता मोहित अशोक ने जनहित याचिका दाखिल कर कथित गबन मामले की जांच समेत केस दर्ज करने के निर्देश सीबीआई को देने का कोर्ट से आग्रह किया है। याची ने राज्य सरकार को भी यह निर्देश देने की मांग की है कि मामले की तफ्तीश किसी पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी की देखरेख में कराई जाए। याचिका में केंद्र, राज्य सरकार के सतर्कता विभाग के प्रमुख सचिव, सीबीआई के निदेशक, कैग व श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को पक्षकार बनाया गया है। दर्ज करने के निर्देश सीबीआई को देने का कोर्ट से आग्रह किया है। याची ने राज्य सरकार को भी यह निर्देश देने की मांग की है कि मामले की तफ्तीश किसी पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी की देखरेख में कराई जाए। याचिका में केंद्र, राज्य सरकार के सतर्कता विभाग के प्रमुख सचिव, सीबीआई के निदेशक, कैग व श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को पक्षकार बनाया गया है।
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