हटाए गए आउटसोर्स कर्मचारियों को कार्य पर वापस लिया जा
अवगत कराना है कि आज दिनांक 5 जून 2026 को लखनऊ सहित प्रदेश के भिन्न-भिन्न जनपदों में संगठन पदाधिकारियों द्वारा जिलाधिकारी के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री जी को ज्ञापन दिया गया।
संगठन पदाधिकारियों द्वारा लखीमपुर खीरी जनपद में उपजिलाधिकारी महोदया के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन दिया गया
संगठन पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन के माध्यम से अवगत कराया गया कि पावर कार्पोरेशन प्रबन्धन द्वारा अपने स्वयं के आदेश दिनांक 15 मई 2017 का उलंघन कर अब तक लगभग 25000 आउटसोर्स कर्मचारियों को कार्य से हटा दिया गया है जिससे कर्मचारियों कि भारी कमी हो गई है।
संगठन पदाधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि कर्मचारियों कि कमी के कारण कर्मचारियों पर कार्य का अधिक भार पड़ने, 4 कर्मचारियों के स्थान पर 1 कर्मचारी से कार्य कराने,अकुशल कर्मचारियों से लाइनों आदि का नियमविरुद्ध कार्य कराने के कारण पिछले 37 दिनों में 36 आउटसोर्स कर्मचारियों कि दुर्घटनाओं में 22 आउटसोर्स कर्मचारियों कि मृत्यु हो गई तथा 14 के गंभीर रूप से घायल हो गए।
मुख्यमंत्री जी को दिए ज्ञापन में संगठन पदाधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि कर्मचारियों कि कमी के कारण उपभोक्ताओं को बिजली कि समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
संगठन पदाधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया है कि पावर कार्पोरेशन प्रबन्धन द्वारा लेबर का अनुबंध कर लाइनमैन का कार्य कराया जा रहा है,वेतन भुगतान में भेदभाव किया जा रहा है, वेतन रुपया 18000 निर्धारित नहीं किया जा रहा है, उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन एवं वितरण निगमो को आउटसोर्स सेवा निगम में शामिल होने का विरोध किया जा रहा है, दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश नहीं लगाया जा रहा है, घायल कर्मचारियों का कैशलेस इलाज नहीं कराया जा रहा है, माननीय ऊर्जा मंत्री जी के निर्देश के बावजूद भी मार्च 2023 में हटाए गए कर्मचारियों को कार्य पर वापस नहीं लिया जा रहा है, 55 वर्ष का हवाला देकर कर्मचारियों को कार्य से हटा दिया जा रहा है, ई पी एफ घोटाले की जांच नहीं कराई जा रही है, ई पी एफ घोटाले में दोषी पाए गए ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है, घायल कर्मचारी द्वारा उपचार में व्यय की गई धनराशि को संविदाकारों के बिल से कटकर भुगतान नहीं किया जा रहा है।
संगठन पदाधिकारी द्वारा ज्ञापन के माध्यम से यह मांग किया गया कि उपभोक्ताओं कि संख्या के अनुपात में कर्मचारियों को तैनात किया जाय, हटाए गए आउटसोर्स कर्मचारियों को कार्य पर वापस लिया जाए, कार्य के अनुरूप अनुबंध किया जाय, वेतन रुपया 18000 निर्धारित किया जाय, दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जाय, घायल कर्मचारियों का कैशलेश उपचार कराया जाय, उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन एवं वितरण निगमो को आउटसोर्स सेवा निगम में शामिल किया जाय, 60 वर्ष कि आयु तक कार्य करने कि अनुमति दी जाय, मार्च 2023 में हटाए गए कर्मचारियों को कार्य पर वापस लिया जाए।
देवेन्द्र कुमार पाण्डेय,
प्रदेश महामंत्री।

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