पौराणिक दधीच तीर्थ मिश्रिख का बुरा हाल प्रतिदिन हजारों की संख्या में मर रही है मछलियां प्रशासन उदासीन तीर्थ यात्रियों का धीरे-धीरे आना हो रहा है कम

पौराणिक दधीच तीर्थ मिश्रिख जिला सीतापुर में स्थित है जिसका उल्लेख वेद पुराणों में भी आता है 





आज दाधीच तीर्थ विकास व रख रखाव से दूर है दधीच तीर्थ का जल निकासी 10 - 15 साल पहले पहले होता रहा है अब वह जल निकासी का नाला विलुप्त हो गया है जिससे दधीच तीर्थ में पड़ी मछलियां बरसात में हर वर्ष मरा करती हैं 

जो तीर्थ के प्रशासक की गलतियों से वह देख रेख के कारण तीर्थ के मछलियों का मरना जारी है मछलियां हर साल 2/3 डाला मर जाती है जिससे तीर्थ के जल में बहुत बदबू आती है 

आए हुए श्रद्धालु तीर्थंके जल का मार्जिन भी लेने से कतरा रहे हैं कस्बा मिश्रिख तीर्थ के जनता का कहना है कि तीर्थ के चारों तरफ बाउंड्री बनाने का कार्य किया जा रहा है जिससे परिक्रमा पथ कही कही बहुत कम हो रहा है तीर्थ के चारों तरफ बाउंड्री उठ जाने पर परिक्रमा मार्ग बहुत कम हो जाएगा 

बाउंड्रीवाल ना उठाकर दधीच तीर्थ के जल की निकासी का कार्य किया जाए जिससे तीर्थ के मछलियों द्वारा तीर्थ की शोभा बढ़ सके और श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ सके,,,, 

उमा प्रकाश समाचार पत्र से ब्यूरोचीफ ओंकारनाथ त्रिपाठी तहसील मिश्रिख जिला सीतापुर

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