वायरल बुखार को हल्के में न लें, खांसी-छींक से फैल रहा इन्फ्लुएंजा,दो मरीजों में एच1एन1 की पुष्टि, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, संक्रमित व्यक्ति को भीड़ से दूर रहने की सलाह
वायरल बुखार को हल्के में न लें, खांसी-छींक से फैल रहा इन्फ्लुएंजा,दो मरीजों में एच1एन1 की पुष्टि, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, संक्रमित व्यक्ति को भीड़ से दूर रहने की सलाह
लखीमपुर खीरी, 31 अगस्त। मौसम में बदलाव के साथ वायरल फीवर और इन्फ्लुएंजा के मामले सामने आने लगे हैं। सर्दी-जुकाम, गले में खराश, खांसी और बुखार को सामान्य समझकर नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और लक्षण दिखाई देने पर प्रशिक्षित चिकित्सक से परामर्श लेने की अपील की है। सीएमओ डॉ. संतोष गुप्ता ने बताया कि जिले में एच1एन1 के दो मामले सामने आए हैं। हालांकि स्थिति को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है, सावधानी और समय पर उपचार बेहद जरूरी है।
*खांसने-छींकने से हवा में फैलता है वायरस*
सीएमओ डॉ संतोष गुप्ता ने बताया कि इन्फ्लुएंजा बेहद संक्रामक बीमारी है। संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या बोलने के दौरान निकलने वाली सूक्ष्म बूंदों के जरिए वायरस आसपास के लोगों तक पहुंच सकता है। संपर्क में आने वाले व्यक्ति में एक-दो दिन के भीतर गले में खराश, बुखार, खांसी और जुकाम जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। इन्फ्लुएंजा के कुछ प्रकारों में एच1एन1 भी शामिल है, जिसे सामान्य तौर पर स्वाइन फ्लू कहा जाता है।
*मास्क लगाएं, भीड़ से दूरी बनाएं*
सीएमओ ने कहा कि नजला-खांसी-जुकाम से पीड़ित व्यक्ति के लिए सबसे जरूरी है कि वह संक्रमण को दूसरों तक पहुंचने से रोके। खांसते और छींकते समय मुंह-नाक को रुमाल या मास्क से ढकें। लक्षण रहने तक भीड़भाड़ वाले स्थानों से दूरी बनाए रखें और आवश्यकता हो तो घर में स्वयं को अलग रखें। स्वस्थ होने के बाद ही सामान्य दिनचर्या में लौटें।
*बच्चों-बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं पर विशेष नजर*
छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों के साथ ही कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। लंबे समय से स्टेरॉयड लेने वाले, कैंसर, किडनी ट्रांसप्लांट या अन्य गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीज तथा डायबिटीज जैसी बीमारी से पीड़ित लोगों में लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सकीय परामर्श लेना जरूरी है। डॉक्टर मरीज की स्थिति देखकर तय करेंगे कि अस्पताल में भर्ती कराने की आवश्यकता है या नहीं।
*जिले में दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता*
सीएमओ ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर सरकारी चिकित्सकों और ग्रामीण क्षेत्रों में तैनात सीएचओ को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। जिले में जरूरी दवाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। आवश्यकता पड़ने पर जांच की सुविधा भी उपलब्ध है। गंभीर मामलों में इस्तेमाल होने वाली ओसेल्टामिविर दवा भी स्वास्थ्य विभाग के पास उपलब्ध है। सीएमओ ने अपील की कि सर्दी-खांसी और बुखार को सामान्य समझकर लापरवाही न बरतें। संक्रमित व्यक्ति की थोड़ी सी सावधानी संक्रमण की कड़ी तोड़ने में बड़ी भूमिका निभा सकती है।
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